Hindi patra lekhan | उपयोग | प्रकार | उदहारण (2022)

Hindi patra lekhan: आज के समय में पत्र लेखन कोई भी नही करता आज दुनिया इतना उन्नत हो चुका है कि चिठी यानी के पत्र लेखन की कोई अबस्यकता ही नही पड़ती है, लेकिन क्या आपको पता है कि यह चिठी ही है जो पुराने काल मे संदेश पहुचाने का एक मात्र साधन हुआ करती थी।

आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पुराने काल मे चिठी का क्या भूमिका हुआ करता था, इसका क्या उपयोग था और आप भी कैसे Hindi patra lekhan कर सकते है।

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है विष्वनाथ डिंडा और में एक पेशेवर ब्लॉगर हूँ, मेरा काम है लोगों को हर वो चीज की सही जानकारी देना जिसके बारे में अभी भी कुछ लोग अज्ञानी हैं।

ज्ञान का जरिया ही एक मात्र ऐसा रास्ता है जिसके माध्यम से आप बड़े से बड़ा पत्थर भी भेद सकते है, लेकिन समस्या यह है कि आज की युवा पीढ़ी ज्ञान के प्रति इतना आकर्षित नही है, उन्हें तो बस चाहिए एक मोबाइल फ़ोन जिसमे वो अपने प्रेमिका या प्रेमी को संदेश भेज सकें और दिन भर में जो समय मिले उसमे वो Instagram जैसे बेकार की चीजों में समय ब्यतीत कर सकें।

लेकिन अगर आप ज्ञान की सागर में डुबकी लगाने चाहते है सब कुछ सीखना चाहते है तो आपके लिए हमारा यह वेबसाइट सर्बोतम मंच है, तो चलिए सीखते है कि कैसे एक पत्र को लिखा जाता है और इसका इतिहास।

पत्र क्यों और कहां उपयोग होता था।

पत्र मतलब चिठी पुरातन काल मे हर ब्यक्ति उपयोग करता था क्योंकि उस समय मोबाइल फ़ोन जैसे साधन नही हुआ करते थे, उस समय बड़े से बड़ा ज्ञानी पुरुष और छोटे से छोटा ब्यक्ति भी अपना बात किसी दूसरे ब्यक्ति तक पहुचाने केलिए चिठी का सहारा लेता था।

Hindi patra lekhan | उपयोग | प्रकार | उदहारण
Hindi patra lekhan | उपयोग | प्रकार | उदहारण

और यह प्रथा आज भी प्रचलित है हमारे डाक घरों जैसे कामों में या आप तक कलो कुरियर सेवा जब कोई बैंक या कहीं और से आता है उसे ही चिठी कहते है।

हालांकि वो बात और है कि आज सब कुछ टेक्निकल हो गेय है और नाम भी टेक्निकल जैसे हो चुके है। परंतु पुरातन काल मे राजा महाराजा अपने किसी मित्र या किसी चीज की घोषणा करने केलिए चिठी का सहारा लेते थे और इसे दूसरों तक पहुचाने केलिए परिंदे का सहारा लेते थे।

इसका प्रमाण आपको आजके कुछ फिल्मों में भी मिल सकता है, बेतार यंत्र के बिना भी लोग एक दूसरे तक अपना बात पहोंचा पाते थे लेकिन इसमें थोड़ा समय लगता था।

आज के समय मे भी कुछ काम ऐसे होते है जो पत्र के माध्यम से ही किआ जाता है जैसे Google AdSense का PIN मिलना, LIC का पत्र प्राप्त करना या बैंक के तरफ से आने वाला कोई चेक खाता या Credit card का बिल यह सभी कामों केलिए पत्र का सहारा लेना पड़ता है।

लेकिन आज के पीढ़ी को यह नही पता है कि एक अच्छा पत्र कैसे लिख जाता है। पत्र लिखने का सेली क्या है तो चलिए जानते है कि पत्र लेखन कितने प्रकार के होते है और आप एक अच्छा patra lekhan कैसे कर सकते है।

पत्र कितने प्रकार के होते हैं? Hindi patra lekhan

पत्र लेखन असल मे 2 प्रकार के होता है, एक है अनौपचारिक पत्र और दूसरा है ओपचारिक Patra lekhan, अब यह दोनों को लिखने के तरीके अलग अलग है और यह अलग अलग स्थान और भी उपयोग में आते हज, चलिए जानते है कि कोनसा patra lekhan कहाँ काम मे आता है।

अनोपचारिक patra lekhan

Hindi patra lekhan | उपयोग | प्रकार | उदहारण
Hindi patra lekhan | उपयोग | प्रकार | उदहारण

अनोपचारिक के अंतर्गत वो पत्र आते है जिसे अपने किसी सगे संबंधी अपने परिवार वाले या अपने मित्रों को संबोधित करने या उन्हें बधाई देने या उनके सामने कोई बात रखने केलिए उपयोग किया जाता है। मतलब इसका उपयोग वहां की जाती है जहां पर लेखक का यानी कि पत्र लेखक का निजी सम्बन्ध हो।

इस पत्र लेखन का उपयोग आप निमंत्रण देने केलिए या अपने मित्र का हाल जानने केलिए या उसको कोई खुस खबरी देने केलिए या ककी आदेश या सूचना देने केलिए या अपने पिता को कोई बात सूचित करने केलिए उपयोग कर सकते है।

और जो कि इसमें सभी पात्र निजी जीवन से जुड़े होते है इसलिए पत्र लिखते समय शब्दों का कोई खास ध्यान नही रखा जाता है। अगर कोई गलती हो जाये तो भी चलता है क्योंकि हमें पता है कि यह पत्र किसी अपने के पास जाने वाला है और वो हमारे भावना को अच्छी तरीके से समझने का प्रयास करेगा।

लेकिन हर चीज का एक तरीका होता है और इस पत्र को लिखने का भी एक तरीका है, अनोपचारिक patra lekhan के तरीके क्या है वो हमने नीचे बताया हुआ है।

  • सबसे पहले आपको पत्र लाभ करने वाले का पता लिखना है
  • इसके बाद दिनांक यानी के तारीख लिखना है
  • इसके बाद आपको संबोधन मतलब जो आप कहना चाहते है वो प्रेम भाव से लिखना है।
  • अब अपना बात रखने के बाद आपको अपना हस्ताक्षयर करना है जिससे यह पता चल सके कि यह पत्र आपने ही लिखा है।
  • इसके बाद आप पत्र को डाक घर मे या किसी ब्यक्ति के साथ अपने रिश्तेदार के पास पहोंचा सकते है।

उदाहरण के तौर पर हमने एक पत्र लिखा है जिसे आप देख सकते है।

संबधी का पता
दिनांक/तारीख

संबोधन:-

आदरणीय/पूजनीय/प्रिय मित्र सुदामा में विष्वनाथ आपका प्रिय मित्र होने के नाते आपको यह सूचित करता होकेन की हमारे घर मे आने वाले 2 तारीख को भगवान कृष्ण का पूजन अनुष्ठान रखा गेया है।

अनुष्ठान में बहुत सारे लोग और पूजनीय पंडित/ब्राम्हण पधारने वाले है साथ ही हमारे नगर के सेवक और बाकी के संबंधी भी पधारने वाले है।

आप मेरे प्रिय मित्र है इसी लिए में आपको यह निवेदन करता हूँ कि आप अपने स परिवार के साथ संध्या 6 घटिका के समय मेरे घर मे पधारने का कास्ट करें में आपके स्वागत की तैयारी करने केलिए खड़ा रहूंगा।

आपका हस्ताक्षयर:

अभिवादन के बाद अंत में तुम्हारा स्नेही, आपका पुत्र, आदि शब्दों का प्रयोग करते हुए प्रेषक का नाम और हस्ताक्षर किया जाता है।

रिश्ताप्रशस्ति अभिवादनसमाप्ति
अपने से बड़े संबंधियों के लिएपूजनीय, आदरणीय, पूज्य, श्रद्धेय, आदिसादर प्रणाम, सदर नमस्कार, सदर चरणस्पर्श, आदिआपका आज्ञाकारी, आपका बेटा/ आपकी बेटी, आपका पोता/ आपकी पोती, आदि (रिश्ते के अनुसार)
अपने से छोटे या बराबर वाले लोगों के लिएप्यारे, प्रिय, चिरंजीव, आदिसदा खुश रहो, आशीर्वाद, सुखी रहो, मधुर स्मृतियाँ आदितुम्हारा मित्र, तुम्हारा शुभचिंतक, तुम्हारा हितैषी, आदि

औपचारिक पत्र क्या है?

Hindi patra lekhan | उपयोग | प्रकार | उदहारण
Hindi patra lekhan | उपयोग | प्रकार | उदहारण

Aupcharik Patra Lekhan उच्च अधिकारी या कोई पद केलिए निवेदन करने केलिए या किसी खास काम को पूरा करने केलिए लिखा जाता है, यह Patra Lekhan खास है और इसे बड़े ध्यान पूर्वक लिखना अति अबस्यक भी है, क्योंकी यह किसी उच्च अधिकारी के पास पहूंचने वाला होता है.

उदहारण केलिए हम आपको बताना चाहते है की अगर आपने अपने नगर में कोई कार्य को सम्पन्न करने केलिस किसी सरकारी अधिकारी को निवेदन करना चाहते है तो यह Hindi patra lekhan आपके काम आएगा।

लेकिन इसमें शब्दों का सही उपयोग करना अति आबश्यक है अगर ऐसा न हुआ तो उच्च अधिकारी यह समझेंगे की आपको खुद ज्ञान की अबस्यकता है।

औपचारिक Patra lekhan कैसे लिखी जाती है वो हैम आपको उदाहरण के साथ नीचे बताने जा रहे है।

सरकारी उच्च अधिकारी को निवेदन करने केलिए Hindi patra lekhan।

  • सबसे पहले आपको दिनांक और पता लिखना है।
  • इसके बाद आपको उस अधिकारी का पद संबोधन के साथ लिखना है जैसे माननीय/महोदय/महोदया।
  • इसके बाद आपको पत्र प्राप्त करने वाले का पता लिखना है
  • अब आपको अपना बिसय के बारे में सांखेप्त में लिखना है जैसे हमारे नगर में जल की समस्या है।
  • अब आपको महोदय/महोदया के साथ पूरे शिष्टता से अपना बात रखनी है।
  • और अब अंत मे आपको अपना नाम और आपका पता के साथ patralekhan को समाप्त करना है।

उदाहरण केलिए हमने कुछ Hindi patra lekhan किआ है, आप उनको देख सकते है। जिल्ला अधिकारी को पानी की समस्या बताते हुए Patra lekhan:

11/4, नवादा
उत्तम नगर, दिल्ली
दिनांक: 07 जनवरी 2018
सेवा में, संपादक महोदय, नवभारत टाइम्स
उत्तम नगर, दिल्ली

विषय– हमारे नगर में पानी की समस्या है।

महोदय/महोदया:

महासय जिल्ला अधिकारी में विस्वनाथ पता सैम गढ़ जिला: दरभंगा पिता सुन्दर लाल आपको यह निवेदन करना चाहता हूँ की हमारे नगर में स्थित सभी पानी के नल अब सुख गये है उनमे पुरे दिन भर में सायेद ही एक बार पानी मिल पाता है.

इस समस्या से बहुत सारे लोग परेसान है और वो सभी दुकानों से पानी की खरीदी करने केलिए बिवास हो गये है, लेकिन सब लोगों के पास उतना पैसा नही है की वो दुकान से पानी खरीदी कर सकें, इसी लिए कुछ लोग नदी का गन्दा पानी का सेवन करने में विवश है और इससे हमारे नगर में बिमारिया तेजी से बढ़ रही है.

महासय आपसे निवेदन है की इस बीसी में आप आलोचना करें और हमें इस संकट से बहार निकालें, इस सहायता केलिए मैं और पुरे नगर वाशी आपका आभारी रहेंगे.

धन्यवाद
नाम:
विस्वनाथ धिन्दा
पता:

निष्कर्ष:

आज हमने आपको सिखाया की Hindi patra lekhan केसे लिखा जाता है और यह कहाँ पर उपयोग किआ जाता है, हमें आशा है की आपको यह लेख पसंद आया होगा और अगर फिर भी आपको लगे की हमने कुछ चीजों के बारे में जानकारी देना भूल गये हैं तो आप हमें संपर्क कर सकते है, हम आपके दुबिधा का हाल निकलने की कोशिश करेंगे. धन्यबाद

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